गणतंत्र दिवस पर निबंध | Essay on Republic day in hindi

26 जनवरी 1950 ईस्वी को हमारे देश का संविधान लागू किया गया। तब से हर साल 30 दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसीलिए आज की लेख में हमने आपके लिए गणतंत्र दिवस पर निबंध (Essay on Republic day in hindi) तैयार की है। यह गणतंत्र दिवस एक दिन की मेहनत से नहीं बल्कि जब ब्रिटिश शासन लागू था तो भारत को आजाद कराने के लिए यहां के वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी।

बहुत ही लंबे समय के संघर्ष के बाद में भारत को आजादी मिली और इस आजादी के बाद भारत को एक शक्तिशाली देश बनाने के लिए संविधान की जरूरत पड़ी जहां पर सभी नागरिकों को एक समान अधिकार मिल सके।

यही वजह है कि 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिनों के मेहनत करने के बाद में भारत का संविधान तैयार किया गया और इसे 26 जनवरी 1950 को लागू कर दिया गया। तब से लेकर आज तक हर साल 26 जनवरी हमारे देश में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

गणतंत्र दिवस पर छोटे एवं बड़े निबंध – Short & Long Republic day essay in hindi

गणतंत्र दिवस पर निबंध 2020 - Republic day essay in hindi
गणतंत्र दिवस पर निबंध

निबंध – 1 (250 शब्द)

प्रस्तावना

26 जनवरी, भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन संविधान लागू किया गया था, बनाते हैं राष्ट्रीय त्योहार। पूरे देश में 30 दिन की छुट्टी होती है इस मौके पर। स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा भी राष्ट्रीय त्यौहार हैं। इस दिन को अनूठा बनाता है संविधान से आए कानून व्यवस्था। आज हमारे देश में न्यायपालिका की ऊँचाइयों को मनाते हैं। गणतंत्र दिवस, भारतीय सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

गणतंत्र दिवस का महत्व

1950 में हमारे देश ने संविधान को लागू किया, जिससे 26 जनवरी को राष्ट्रीय त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस दिन स्कूल, कॉलेज, ऑफिस में राष्ट्रीय झंडा फहराया जाता है और सलामी दी जाती है। यह दिन लोकतंत्र के स्थापना का स्मृतिदिन है, जिससे भारतवासी स्वतंत्रता और अधिकारों का आनंद लेते हैं। संविधान की वजह से ही हर भार तीय अपने अधिकारों का उपयोग कर सकता है और स्वतंत्रता से जीता है।

इस अवसर पर समूचे देश में उत्साह और गर्व के साथ जश्न मनाया जाता है। 26 जनवरी को भारतीय जनता संविधान के महत्व को समझती है और इसे उच्चतम मानक मानती है। इस दिन राष्ट्रपति दिल्ली में झंडा फहराकर तिरंगा सलामी देते हैं। 26 जनवरी ने भारत को एक सशक्त, समृद्ध, और एकता भाव से भरा देश बनाया है।

निष्कर्ष

आज दुनियाभर में हमारा देश एक विशाल लोकतांत्रिक राजा है। यहां लोगों को किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। विभिन्न धर्मों के लोगों को पूरी स्वतंत्रता है। हमारा संविधान लोगों की अधिकारों की रक्षा करता है। यह बहुत मजबूत है और लोग उसका पालन करते हैं। इसलिए, यहां लोगों को समानता और स्वतंत्रता मिलती है।

निबंध – 2 (300 शब्द)

परिचय

अंग्रेजों के गुलामी से मुक्ति प्राप्त होने के बाद, 15 अगस्त 1947 को भारत ने स्वतंत्रता हासिल की। स्वतंत्रता के बाद, 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान लागू किया, एक लोकतंत्रिक देश बनाते हुए। भारतीय संविधान के अनुसार, सभी लोगों को समान अधिकार मिलते हैं, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है, संविधान के लागू होने की स्मृति में।

इस दिन में भारत ने अपने नागरिकों को स्वतंत्रता और समानता का संकल्प दिखाया। गणतंत्र दिवस के दिन राष्ट्रपति ने संविधान की शपथ ली और देश को संबोधित किया। भारत ने गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय त्योहार बनाया, जो एकता और सामरिकता का पर्व है। संविधान ने भारत को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से सुधारित किया।

गणतंत्र दिवस से लोग अपने देश के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं और राष्ट्र भक्ति में भरपूर होते हैं। इस दिन के माध्यम से हम समझते हैं कि स्वतंत्रता का मतलब है आत्मनिर्भरता और एक सशक्त राष्ट्र बनाना।

राष्ट्रीय त्योहार के रूप में पहचान

1947 में 15 अगस्त को भारत को स्वतंत्रता मिली, जिसे आजादी दिवस के रूप में मनाते हैं। भारत का भविष्य संविधान पर निर्भर है, जिसका निर्माण 1950 में हुआ। स्वतंत्रता दिवस का मनाना भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण है। संविधान को लागू करने से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस भी राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में महत्वपूर्ण हो गया है। भारत की स्वतंत्रता और संविधान के मिलने से ही उसका समृद्धि और विकास हो सका है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

यह राष्ट्रीय त्योहार होने के कारण दिल्ली में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन लाल किले पर झंडोत्तोलन और राष्ट्रगान गाया जाता है। झांकियां भी निकाली जाती हैं इस खास कार्यक्रम के मौके पर। इंडिया गेट पर विशेष कार्यक्रम और परेड होती है। इन कार्यक्रमों की भारी भीड़ इन्हें देखने के लिए इकट्ठी होती है। लोग इस अद्वितीय दिन को बड़े उत्साह से मनाते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस पर देशभर में एकपंथ का अनुभव होता है।

निष्कर्ष

भारत विविधता में एकता की पहचान मानता है। यहां विभिन्न जातियों और संप्रदायों के लोग रहते हैं। सभी को समान अधिकार मिलते हैं यहां के संविधान से। भारतीयों में एकता का आदान-प्रदान है। संविधान के कारण, विभिन्नता के बावजूद सभी एक साथ रहते हैं।

निबंध – 3 (500 शब्द)

परिचय

ब्रिटिश शासन से मुक्ति मिली, 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। आजादी के समय कोई स्थायी संविधान नहीं था। नेताओं ने संविधान बनाने का दायित्व डॉक्टर अंबेडकर को सौंपा। 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन में संविधान तैयार हुआ। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ।

हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह राष्ट्र त्यौहार हर कोने में उत्साह से मनाया जाता है। भारत को संप्रभु, लोकतांत्रिक और गौरवान्वित देश के रूप में पहचान मिली। सभी धर्मों, जातियों, और संप्रदायों को समान अधिकार मिला। 26 जनवरी का दिन एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय त्योहार है।

समृद्धि और सांस्कृतिक एकता

भारतीय समाज के लिए गणतंत्र दिवस महत्वपूर्ण नहीं सिर्फ स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक महोत्सव की भूमिका भी निभाता है। इस दिन के माध्यम से हम देखते हैं कि समृद्धि और सांस्कृतिक एकता कैसे हमारे समाज को मजबूत और सशक्त बनाती हैं।

गणतंत्र दिवस के अद्भुत पैरेड

गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाली पैरेड एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती है, जिसमें सांस्कृतिक धरोहर को प्रमोट करने का मौका मिलता है। इस प्रदर्शन का महत्व इसमें छुपा होता है क्योंकि यह लोगों को सांस्कृतिक एकता की अद्वितीयता को अनुभव करने का अवसर प्रदान करता है। सैन्य और सांस्कृतिक विकास के बीच एक अद्वितीय संबंध है जो इस पैरेड के माध्यम से प्रमोट होता है। यह साबित करता है कि सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण सिर्फ सैन्य द्वारा ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक समृद्धि से भी होता है।

गणतंत्र दिवस का सामाजिक असर

इस दिन के माध्यम से हम शिक्षा के महत्व को समझते हैं और इसे प्रमोट करने का संकल्प लेते हैं। गणतंत्र दिवस पर विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिससे लोग अपने राष्ट्रीय धरोहर के प्रति जागरूक होते हैं। शिक्षा के माध्यम से हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझते हैं और उसे बचाए रखने का संकल्प लेते हैं। सामाजिक जागरूकता का असर होने से हमें एक सजग समाज की दिशा में बढ़ने का मार्ग दिखाता है।

समाज में जागरूकता

इस प्रकार, गणतंत्र दिवस हमारे समृद्धि, सांस्कृतिक एकता, और शिक्षा को प्रमोट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दिन का उत्साहपूर्ण आयोजन हमें हमारी सांस्कृतिक धरोहर के प्रति समर्पित करता है और हमें एक सशक्त और समृद्ध भविष्य की दिशा में प्रेरित करता है।

निष्कर्ष

हमारे देश के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इस दिन से हम सभी के दिलों में ऐसा लगता है कि हमारा देश एक संप्रभुता एकता और अखंडता प्रदर्शित करने वाला देश है. जो पूरे विश्व में एक अनोखी लोकतांत्रिक देश के रूप में अपनी पहचान बनाता है.

निबंध – 4 (600 शब्द)

सामाजिक सुरक्षा और गणतंत्र

गणतंत्र दिवस, भारतीय समाज में सामाजिक सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं की मूल्यांकन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। सामाजिक सुरक्षा न केवल एक व्यक्ति की सुरक्षित जीवन शैली को सुनिश्चित करने में मदद करती है, बल्कि यह राष्ट्र के समृद्धि और सामरिक समावेश की दिशा में भी प्रभावी होती है।

सामाजिक सुरक्षा का मतलब

सामाजिक सुरक्षा, एक समाज में सभी वर्गों के लोगों को एक न्यायपूर्ण, सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करने का सिद्धांत है। यह न केवल आर्थिक रूप से समर्थ होने का स्वरूप है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी समर्थ बनाए रखने का अवसर प्रदान करता है।

गणतंत्र मॉडल में सामाजिक सुरक्षा

भारतीय संविधान द्वारा स्थापित गणतंत्र मॉडल में सामाजिक सुरक्षा को महत्वपूर्ण रूप से ध्यान में रखा गया है। यह मॉडल सभी नागरिकों को अच्छी सेवाएं और न्यायपूर्ण विभाजन प्रदान करके समृद्धि की दिशा में सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देता है।

सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों का अध्ययन

  • आर्थिक सुरक्षा: आर्थिक सुरक्षा एक समृद्धि राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गणतंत्र दिवस के इस अवसर पर, हमें आर्थिक सुरक्षा की महत्वपूर्णता को और बढ़ावा देना चाहिए ताकि समृद्धि में समाज को शामिल करने में सहायक हो सके।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य: सामाजिक सुरक्षा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में समर्थ बनाए रखने का माध्यम हो सकती है। गणतंत्र दिवस के अद्भुतीकरण के प्रभाव के माध्यम से हमें इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए सकारात्मक योजनाएं बनाने का आग्रह करना चाहिए।

गणतंत्र दिवस के अद्भुतीकरण के प्रभाव

गणतंत्र दिवस का आयोजन हमें सामाजिक सुरक्षा की महत्वपूर्णता को समझाता है और हमें इसे बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है। यह एक मौका है समाज को और विचारशील बनाने का और सामाजिक न्याय की दिशा में कदम बढ़ाने का।

सामाजिक न्याय की दिशा में कदम

गणतंत्र दिवस के माध्यम से हमें सामाजिक न्याय की दिशा में एक कदम बढ़ाने का सुझाव है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि सामाजिक सुरक्षा न केवल एक व्यक्ति के लिए है, बल्कि यह समृद्धि में समाज को शामिल करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

समृद्धि में सामाजिक समावेश

गणतंत्र दिवस के अद्भुतीकरण के प्रभाव से हमें यह सिखने को मिलता है कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा समृद्धि में समाज को शामिल करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

समापन

गणतंत्र दिवस पर सामाजिक सुरक्षा का मूल्यांकन करते समय, हमें यह समझाना चाहिए कि सुरक्षित समाज सिर्फ आर्थिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और न्याय के क्षेत्र में भी समृद्धि की दिशा में प्रभावी रूप से हो सकता है। गणतंत्र दिवस के इस महत्वपूर्ण पथ पर अग्रणी बनने के लिए हमें सकारात्मक कदम उठाने का समर्थन करना चाहिए, ताकि हमारा समृद्धि, न्यायपूर्ण और समृद्ध भविष्य हो सके।

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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