Motherboard क्या है और कैसे काम करता है?

मदरबोर्ड क्या है (What is motherboard in Hindi) ये आपने पहले ज़रूर सुना होगा. क्यूंकि जीतने भी लोग कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं या फिर कंप्यूटर का कोर्स करते हैं उन्हे इस के बारे मे मालूम होता है. हो सकता है आप इसके बारे मे पहले से जानकारी ना रखते हो. और इसकी जानकारी लेना चाहते हैं तो आपको मैं यहाँ बताऊंगा की मदरबोर्ड क्या होता है. जिस तरह एक माँ के बहुत सारे बच्चे होते हुए भी सबको वो एक दूसरे से बाँधे रखती है ठीक उसी तरह एक मदरबोर्ड कंप्यूटर सिस्टम के हर पार्ट को एक साथ जोड़े रखती है. इसीलिए तो इसे मदरबोर्ड बोलते हैं. जीतने भी कंप्यूटर पार्ट्स होते हैं सबका काम अलग होता है लेकिन ये तभी काम करते हैं जब मदरबोर्ड से जुड़े हो. इससे कनेक्टेड ना हो तो फिर वो फंक्शन नही कर सकते.

एक मदरबोर्ड किसी भी कंप्यूटर की मुख्य Printed Circuit Board (PCB) होती है. इसे को अलग अलग नाम से भी जाना जाता है जैसे Base board, Main circuit board etc. जिस तरह हर पार्ट का मदरबोर्ड से जुड़ा होना ज़रूरी होता है ठीक उसी तरह कुछ पार्ट्स के बिना भी ये खुद काम नही कर सकता. तो इसी तरह के हर इंपॉर्टेंट जानकारी जो मदरबोर्ड से जुड़ी हो इसे हम इस पोस्ट के जरिये जान जायेंगे और डीटेल मे इसके बारे मे बातचीत करेंगे. मदरबोर्ड क्या है (What is motherboard in Hindi) आप भी उत्सुक होंगे मदरबोर्ड के बारे मे जानने के लिए तो जानते हैं की आखिर इसका इतिहास क्या है और कैसे काम करता है.

मदरबोर्ड क्या है – What is Motherboard in Hindi

Motherboard kya hai

Motherboard definition in Hindi

एक मदरबोर्ड कंप्यूटर के सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट्स मे से एक है. कंप्यूटर सिस्टम के जीतने भी इनपुट और आउटपुट डिवाइस होते हैं जो CPU (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट) से जुड़े होते हैं और कंप्यूटर मेमोरी इन सभी को मदरबोर्ड एक साथ जोड़ कर के रखता है. ये सभी पार्ट्स को करंट भी पास करता है जिससे की वो अपना काम कर सके.

Motherboard Definition in English

Motherboard is the main (PCB) Printed circuit board of a computer. It is the central communication and connectivity point of the computer through which all external and internal components are connected. We refer motherboard as backbone of the computer.

दूसरे शब्दों मे कहे तो मदरबोर्ड कंप्यूटर का आधार होता है. जिस तरह घर बनाने के लिए ज़मीन ज़रूरी है उसी तरह कंप्यूटर के हर पार्ट को आधार चाहिए होता है जिसे हम मदरबोर्ड के नाम से जानते हैं. ये एक हब होता है जहाँ पर आकर कंप्यूटर के सारे पार्ट्स मिलते हैं. मैने पहले ही बताया है की कंप्यूटर मदरबोर्ड PCB (Printed Circuit Board) होता है जो दूसरे पार्ट्स जैसे Hard Disk, CPU, RAM, ग्रॅफिक्स कार्ड, टीवी कार्ड को कनेक्ट करता है. फिर इनको function करता है इसके लिए उन्हे proper electricity भी प्रदान करता है.

मदरबोर्ड बहुत ही मज़बूत प्लास्टिक शीट की बनी होती है जो इन्सुलेटर होता है यानी बिजली का कुचालक होता है. इस शीट मे कॉपर या अल्यूमिनियम पन्नी की पतली परत प्रिंट की हुई होती है जिसे हम निशान के रूप मे देख सकते हैं. ये traced निशान बहुत ही narrow होते हैं और अलग अलग भागों के लिए circuit बनाते हैं. इन circuits के अलावा भी एक मदरबोर्ड मे कई सारे socket और slot होते हैं जो दूसरे सभी parts को जोड़ने के काम आते हैं.

मदरबोर्ड के मुख्य घटक (पार्ट्स) – Parts of Motherboard in Hindi

कंप्यूटर मदरबोर्ड भी अलग अलग पार्ट्स से बने होते हैं जिसकी जानकारी होने से आप खुद भी कंप्यूटर से जुड़े छोटे मोटे काम खुद ही कर सकते हैं. तो चलिए जान लेते हैं की आख़िर इस के कितने पार्ट्स होते हैं.

Power Connectors:

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट और दूसरे components को electricity सप्लाइ करने के लिए इसमे एक पावर कनेक्टर लगा हुआ होता है.

CPU Socket :

आप जानते होंगे की कंप्यूटर मे एक प्रोसेसोर होता है जिसकी capacity के अनुसार कंप्यूटर चलने की स्पीड होती है. CPU सॉकेट ही प्रोसेसर को मदरबोर्ड मे इनस्टॉल करने के लिए मदद करता है. इसका मतलब आप समझ ही गये होंगे की CPU मदरबोर्ड से जुड़ने के लिए सॉकेट से जुड़ता है. मदरबोर्ड के bottom मे सॉकेट पर बहुत सारी pins होती हैं जो कनेक्टर के रूप मे काम करती हैं. ये प्रोसेसर को electricity सप्लाइ करती है. इसके अलावा ये डाटा को कंप्यूटर के दूसरे components को ट्रान्स्फर करती है. अगर आप कभी प्रोसेसर अपडेट करना चाहते हैं तो इस सॉकेट मे नही कर सकते हैं. इसके लिए आपको अलग अलग सॉकेट types की भी जानकारी होनी ज़रूरी है. Pentium (P1, P2, MMX), AMD K5/K6 Socket 370 : Pentium 3 processor,Intel Celeron Processor Socket 7775:Intel Dual Core, P4, Xeon Processor Socket 1156 : Intel i3, i5, i7 Processor Socket 3366 : i7 900 Processor

Input/Output ports :

आम तोर पर इनपुट और आउटपुट पोर्ट कंप्यूटर के chasis के पीछे साइड मे होते हैं. इनपुट आउटपुट पोर्ट्स ख़ास रूप से मॉनिटर, प्रिंटर, कीबोर्ड, स्पीकर, माइक्रोफोन, इंटरनेट/ नेटवर्किंग केबल और कई USB Components को जोड़ने के लिए दिया होता है.

BIOS :

BIOS का फुल फॉर्म होता है “”Basic Input output System” (बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम), ये भी मदरबोर्ड मे लगने वाला एक कॉंपोनेंट है जो इंटेग्रेटेड चिप के रूप मे होता है. इसकी जितनी भी इन्फर्मेशन और सेट्टिंग होती उन सभी को BIOS में स्टोर कर के रखता है. आप BIOS Mode मे जाकर सेट्टिंग को चेंज कर सकते हैं.

CMOS Battery :

CMOS का फुल फॉर्म ” Complementary Metal Oxide Semi-Conductor” होता है. ये एक बैटरी होता है जो 3.0 वोल्ट्स का lithium cell होता है.

RAM (Memory) Slots :

किसी भी मदरबोर्ड मे RAM इनस्टॉल करने के लिए एक से ज़्यादा स्लॉट हो सकते हैं. ये स्लॉट CPU स्लॉट के नज़दीक ही होता है.एक तरह से RAM  मदरबोर्ड का सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट होता है जिसे हम रRandom access memory के नाम से भी जानते हैं. इसे volatile  मेमोरी भी बोलते हैं ये एक तरह से temporary मेमोरी भी होती है. ये application को run करने मे हेल्प करते हैं. अगर कोई प्रोसेसर फास्ट है और उसकी RAM बहुत high capacity की है तो application बहुत smoothly   से चलेगा.

IDE Connector :

इंटेग्रेटेड ड्राइव एलेक्ट्रॉनिक्स जिसे हम शॉर्ट मे IDE के नाम से भी जानते हैं इसका इस्तेमाल हम हार्ड डिस्क ड्राइव को मदरबोर्ड से कनेक्ट करने के लिए करते हैं.

SATA Connector :

SATA का फुल फॉर्म Serial Advanced Technology Attachment होता है. ये नये तरह के कनेक्टर्स होते हैं जिन मे 7 पिन इंटरफेस होते हैं. इसका इस्तेमाल SATA हार्ड डिस्क और ऑप्टिकल डिस्क को कनेक्ट करने के लिए करते हैं. ये IDE  कनेक्टर की तुलना मे फास्टर और बेटर होते हैं.

Expansion Card Slots :

जब कभी आप को मदरबोर्ड से नया कॉंपोनेंट जोड़ना होता है या फिर किसी पार्ट को अपडेट करना होता है तो Expansion card स्लॉट्स का इस्तेमक किया जाता है. Expansion स्लॉट एक्सटर्नल कार्ड को जोड़ने मे मदद करती है.

Storage Device Connectors :

वैसे तो कंप्यूटर मे हम हार्ड डिस्क ड्राइव, ऑप्टिकल ड्राइव और फ्लॉपी डिस्क ड्राइव का इस्तेमाल करते ही हैं लेकिन इसके साथ कुछ दूसरे एक्सटर्नल स्टोरेज डिवाइस का भी इस्तेमाल करते हैं जिससे की हम डाटा को स्टोर कर सके और फिर बाद मे या फिर दूसरे कंप्यूटर मे उस डाटा का इस्तेमाल कर सके. इसके लिए हमे इस एक्सटर्नल स्टोरेज डिवाइस को भी मदरबोर्ड से कनेक्ट करना ज़रूरी होता है. हर मदरबोर्ड मे कम से कम 2 स्टोरेज डिवाइस कनेक्टर्स अवेलबल होते हैं.

Co-Processor :

मदरबोर्ड के सबसे इंपॉर्टेंट कॉंपोनेंट्स मे से एक है Co-Processor. ये एक तरह से main प्रोसेसर का हेलपर होता है जो mathematical calculation और कंप्यूटर ग्रॅफिक्स के टास्क को perform करता है.

USB Port :

हर मदरबोर्ड मे USB पोर्ट होता है जिससे की हम एक्सटर्नल और स्टोरेज डिवाइसस जैसे पेन ड्राइव, प्रिंटर कनेक्ट करने के लिए करते हैं.

PS/2 Connector :

कीबोर्ड और माउस कनेक्ट करने के लिए इस पोर्ट का इस्तेमाल किया जाता है.

Game Port :

सभी तरह के गेमिंग डिवाइसस को कनेक्ट करने के लिए हम गेम पोर्ट का इस्तेमाल करते हैं.

Parallel or LPT port :

Scanner और प्रिंटर कनेक्ट करने के लिए parallel port का इस्तेमाल होता है.

Sound Card Connectors :

ऑडियो डिवाइस जैसे स्पीकर और माइक्रोफोन कनेक्ट करने के लिए ये पोर्ट काफ़ी इंपॉर्टेंट है.

Display Connector :

इसी की मदद से हम कंप्यूटर के मॉनिटर को मदरबोर्ड से कनेक्ट करते हैं.

COM (Communication) port :

इस पोर्ट का इस्तेमाल हम माउस और मॉडेम जैसे डिवाइसस को कनेक्ट करने के लिए करते हैं.

Function of computer motherboard in Hindi

Computer Circuitry :

मदरबोर्ड कंप्यूटर का main circuit board  होता है जिसमे कंप्यूटर के काम करने के इंपॉर्टेंट सभी circuit board और component को मिलाकर रखा जाता है. मदरबोर्ड के circuit मे रास्ते बने होते हैं जिसमे इलेक्ट्रिसिटी flow होती है और साथ ही डाटा एक component से दूसरे component मे ट्रान्स्फर होती है.

Components Hub :

मदरबोर्ड का प्राइमरी काम होता है एक आधार की तरह काम करना जिस पर कंप्यूटर के component इनस्टॉल किए जाते हैं. ये एक हब की तरह ही है जहाँ पर कंप्यूटर के सभी पार्ट आकर आपस मे जुड़ते हैं जैसे सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU), ग्रॅफिक्स कार्ड और सिस्टम मेमोरी (RAM).

Data Traffic :

मदरबोर्ड एक communication हब की तरह काम करता है. ये कंप्यूटर सिस्टम के अंदर की सारी डाटा की जानकारी की traffic को मदरबोर्ड चिपसेट की मदद से मैनेज करती है. मदरबोर्ड चिपसेट ज़रूरत के अनुसार डाटा फ्लो को ccomponent तक डाइरेक्ट कर देती है.

Peripherals :

कंप्यूटर सिस्टम की हर इनपुट और आउटपुट डिवाइस को काम करने के लिए मदरबोर्ड ही अनुमति देता है. इससे कंप्यूटर की बहुत सारे कामों को पूरा करने की कैपेसिटी बढ़ती है. इन डिवाइसस मे प्रिंटर, कीबोर्ड, गेम कंट्रोलर्स, एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव्स और ऑडियो जैक्स. इन डिवाइसस को कंप्यूटर से कनेक्ट करने के लिए डाइरेक्ट्ली इन्हे हम मदरबोर्ड के पोर्ट्स, सॉकेट्स, कनेक्टर्स से plugging कर देते हैं.

BIOS :

मदरबोर्ड मे in-built RAM (Read only Memory) होता है और ये RAM से अलग होता है जिसमे कंप्यूटर का बेसिक इनपुट/आउटपुट सिस्टम (BIOS) होता है. इसका सबसे ज़रूरी काम होता है कंप्यूटर के boot-up process को मैनेज करना. यानी जब हम अपने कंप्यूटर के power को ON करते हैं तो उस वक़्त BIOS ही हमारे कंप्यूटर सिस्टम को स्टार्ट करने का प्रोसेस पूरा करता है.

History of Motherboard in Hindi – मदरबोर्ड का इतिहास

हम जो आज कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं उसमे जो मदरबोर्ड लगा होता है वो काफ़ी विकसित हो चुका है. शुरुआत मे इस्तेमाल  होने वाले कंप्यूटर मदरबोर्ड आजकल के मदरबोर्ड से काफ़ी अलग हुआ करते थे. ये हम तक काफ़ी सफ़र तय कर के पहुँचा है और इसमे काफ़ी बदलवा किया गया है. तो चलिए जानते हैं कंप्यूटर मदरबोर्ड के इतिहास के बारे मे (history of motherboard in Hindi).

  • 1981 मे IBM “Planer” breadboard पहला मदरबोर्ड था जिसे कंप्यूटर सिस्टम मे इस्तेमाल किया गया था.
  • 1984 मे IBM Advanced टेक्नालजी के साथ आया जिससे की आज के कंप्यूटर सिस्टम का जन्म हुआ. Adavnced टेक्नालजी होने के कारण ये काफ़ी पॉपुलर हुआ और ये एक standard मदरबोर्ड साबित हुआ जो हर तरह के डेस्कटॉप ,मे फिट बैठता है.
  • Gigabyte का जन्म 1986 मे हुआ जो की taiwan के यह pei cheng के द्वारा बनाया गया था.
  • 1987 मे एलीट ग्रूप ने दुनिया का सबसे बड़ा ECS Board  बनाने वाली मदरबोर्ड कंपनी बन गई.
  • 1989 मे taiwan मे ACER के appliance द्वारा एक छोटी कंपनी बनाई गयी जिसका नाम pegasus रखा गया, जो बाद मे चलकर दुनिया की सबसे बड़ी मदरबोर्ड बनाने वाली कंपनी बन गयी.
  • इंटेल ने 1993 मे PAGA का डेवेलप किया जिसका फुल फॉर्म Plastic pin grid array होता है. इसने integrated circuit packaging मे अपना योगदान दिया.
  • 1995 मे AT के बाद ATX  फॉर्म रिलीस किया गया. इसे Advanced टेक्नालजी मे जो drawbacks थे उसमे सुधार कर के लाया गया.
  • Intel ने इसी साल से Motherboard की manufacturing करनी खुद शुरू कर दी. वैसे ही इसकी reputation बहुत अच्छी थी इसीलिए इसे अपना मार्केट जमाने मे ज़्यादा वक़्त नही लगा.
  • 1998 मे Micro ATX बोर्ड बनाए गये जो ATX बोर्ड के आकर से आधे साइज़ के थे.
  • 2001 मे ITX Motherboard बनाए गये जो बहुत छोटे हुआ करते थे.
  • 2005 मे इंटेल ने फिर से balance technology को extend किया.
  • 2007 मे ASUS tek दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर motherboard manufacturer कंपनी बन गई.
  • 2009 मे Mobile ITX  बोर्ड का निर्माण किया गया. ITX सबसे छोटे साइज़ के motherboard थे जिनकी साइज़ 60*60 MM की थी.

संक्षेप में

आज की इस पोस्ट मे आपने जाना की मदरबोर्ड डेफिनेशन हिन्दी एंड इंग्लीश क्या है. इसके साथ ही आपने ये भी जाना की मदरबोर्ड क्या है (What is motherboard in Hindi) और मदरबोर्ड के पार्ट्स क्या क्या होते हैं (parts of motherboard in hindi). कंप्यूटर के सबसे इम्पोर्टेन्ट पार्ट्स मे से एक मदरबोर्ड ही है जिसने काफ़ी लंबा सफ़र तय किया है हम तक पहुँचने के लिए.इस सफ़र को भी आपने यहाँ हिस्टरी ऑफ मदरबोर्ड इन हिन्दी मे पढ़ा है.

दोस्तों मदरबोर्ड के फंक्शन क्या है से आपने जाना की ये काम कैसे करता है. अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को अधिक से अधिक सोशियल मीडीया साइट फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, गूगले प्लस मे शेर करे.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

9 thoughts on “Motherboard क्या है और कैसे काम करता है?”

  1. Sir, you are greatest and success hindi bloger, apne motherboard ke baare me bahut hi achcha likha hai

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